राजस्थान में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राजस्थान में नई ट्रांसफर पॉलिसी 2026 राज्य सरकार पहली बार शिक्षकों के तबादलों के लिए ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी लागू करने की तैयारी में है। नई नीति के तहत अब शिक्षकों के तबादले केवल वरिष्ठता या सिफारिश के आधार पर नहीं, बल्कि उनकी परफॉर्मेंस और विद्यार्थियों के रिजल्ट के आधार पर भी किए जाएंगे।
राजस्थान में नई ट्रांसफर पॉलिसी: IIT-IIM में चयन कराने वाले शिक्षकों को मिलेगा तबादले में फायदा
राजस्थान सरकार शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। राज्य में पहली बार शिक्षकों के तबादलों के लिए ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी लागू की जा रही है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य तबादला प्रक्रिया को पारदर्शी, मेरिट आधारित और डिजिटल बनाना है। खास बात यह है कि अब विद्यार्थियों की उपलब्धियों का सीधा लाभ शिक्षकों को भी मिलेगा।
ऑनलाइन होगी पूरी ट्रांसफर प्रक्रिया
शिक्षा विभाग द्वारा तैयार किए गए ड्राफ्ट के अनुसार तबादले की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से संचालित होगी। शिक्षक साल में दो बार अपनी पसंद के स्कूलों और ब्लॉकों का चयन कर सकेंगे। इससे मैनुअल प्रक्रिया में होने वाली देरी और शिकायतों में कमी आने की संभावना है।
परफॉर्मेंस के आधार पर बनेगी मेरिट
नई नीति में शिक्षकों के तबादले के लिए अंक प्रणाली लागू की जाएगी। इन अंकों के आधार पर मेरिट तैयार होगी और अधिक अंक प्राप्त करने वाले शिक्षकों को प्राथमिकता मिलेगी।
अंक देने के प्रमुख आधार इस प्रकार होंगे:
- स्कूल में कार्यकाल की अवधि
- बोर्ड परीक्षाओं में विद्यार्थियों का प्रदर्शन
- राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में चयन
- विशेष श्रेणी के शिक्षक
- स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियां
IIT-IIM में चयन कराने पर मिलेगा अतिरिक्त लाभ
यदि किसी शिक्षक के विद्यार्थी IIT, IIM, AIIMS, NLU, JNU या अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में चयनित होते हैं, तो संबंधित शिक्षक को अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे शिक्षकों में बेहतर परिणाम देने की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी।
इसके अलावा NTSE, STSE, ओलिंपियाड और राष्ट्रीय विज्ञान प्रतिभा परीक्षाओं में छात्रों की सफलता भी शिक्षकों की मेरिट में शामिल की जाएगी।
विशेष श्रेणी के शिक्षकों को राहत
नई ट्रांसफर नीति में कई विशेष श्रेणियों को प्राथमिकता देने का प्रस्ताव है। इनमें शामिल हैं:
- विधवा शिक्षक
- तलाकशुदा महिला शिक्षक
- अविवाहित शिक्षिकाएं
- दिव्यांग शिक्षक
- सैन्य एवं अर्द्धसैनिक कर्मियों के जीवनसाथी
ऐसे शिक्षकों को अतिरिक्त अंक देकर तबादले में वरीयता दी जाएगी।
गंभीर बीमारियों से पीड़ित शिक्षकों को भी राहत
कैंसर, डायलिसिस और हार्ट सर्जरी जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे शिक्षकों को तबादलों में विशेष प्राथमिकता देने का प्रावधान रखा गया है। इससे जरूरतमंद शिक्षकों को सुविधाजनक स्थान पर नियुक्ति मिल सकेगी।
पांच लाख शिक्षक आएंगे दायरे में
सरकार की इस नई नीति के अंतर्गत प्रदेश के करीब 5 लाख शिक्षक शामिल होंगे। जिला, संभाग और राज्य कैडर के अनुसार अलग-अलग विकल्प भरने की सुविधा दी जाएगी।
क्यों महत्वपूर्ण है यह नई नीति?
राजस्थान की यह पहल शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। इससे न केवल योग्य शिक्षकों को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि विद्यार्थियों के बेहतर परिणामों पर भी सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है।
विशेष कैटेगरी के आधार पर होंगे तबादले
क्या है एजीटीडी…
तबादला प्रक्रिया को वार्षिक सामान्य स्थानांतरण अभियान (एजीटीडी) नाम दिया है। इसके तहत हर साल 15वें दिन खाली पदों की अंतिम सूची जारी होगी। 27वें दिन सूची आएगी। 30वें दिन तक विकल्प भर सकेंगे। पहले चरण के आदेश 37वें दिन जारी होंगे। दूसरे चरण के आदेश 47वें दिन जारी होंगे।
“हम शिक्षकों के लिए एक पारदर्शी तबादला नीति बनाने का काम प्रक्रियाधीन है।”
— मदन दिलावर, शिक्षामंत्री
ये होंगे दायरे में
- जिला कैडर में शामिल तृतीय श्रेणी शिक्षक
- संभाग कैडर में शामिल वरिष्ठ अध्यापक
- राज्य कैडर में शामिल व्याख्याता, प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल
इन पर यह तबादला नीति लागू होगी।
ऑनलाइन होगी पूरी ट्रांसफर प्रक्रिया
शिक्षा विभाग द्वारा तैयार किए गए ड्राफ्ट के अनुसार ट्रांसफर प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी। शिक्षकों को ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल ऐप के जरिए आवेदन करना होगा। सरकार का उद्देश्य तबादला प्रक्रिया को पारदर्शी, तेज और विवादमुक्त बनाना है।
नई व्यवस्था के तहत साल में दो बार ऑनलाइन विकल्प भरने का मौका दिया जाएगा। शिक्षक अपनी पसंद के स्कूल और ब्लॉक चुन सकेंगे।













