UPSC सिविल सर्विसेज 2025 टॉपर: चित्तौड़गढ़ के रावतभाटा से अनुज अग्निहोत्री की प्रेरणादायक सफलता की कहानी

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Rajasthan
March 6, 2026 2:54 PM

यूपीएससी सिविल सर्विसेज परीक्षा (UPSC CSE 2025) के परिणामों ने पूरे देश में उत्साह की लहर दौड़ा दी है। 6 मार्च 2026 को जारी हुए इन परिणामों में अनुज अग्निहोत्री ने ऑल इंडिया रैंक (AIR) 1 हासिल कर इतिहास रच दिया है। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा शहर से ताल्लुक रखने वाले इस 26 वर्षीय युवा ने न केवल अपनी मेहनत का लोहा मनाया, बल्कि पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया। एक मेडिकल ग्रेजुएट होने के बावजूद, अनुज ने सिविल सर्विसेज की चुनौतियों को पार कर IAS बनने का सपना साकार कर लिया। आइए, जानते हैं इस प्रेरणादायक यात्रा की पूरी कहानी, जो UPSC एस्पिरेंट्स के लिए एक मिसाल है।

अनुज अग्निहोत्री कौन हैं? पृष्ठभूमि और प्रारंभिक जीवन

अनुज अग्निहोत्री का जन्म राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा में हुआ, जो परमाणु ऊर्जा संयंत्र के लिए प्रसिद्ध एक छोटा सा शहर है। यहां की सादगी और अनुशासनपूर्ण वातावरण ने अनुज के व्यक्तित्व को निखारा। उनके पिता कृष्ण बिहारी अग्निहोत्री रावतभाटा के एटॉमिक पावर स्टेशन में तकनीशियन के रूप में कार्यरत हैं। मूल रूप से उत्तर प्रदेश से होने के बावजूद, परिवार 1964 से राजस्थान में बस गया है।

अनुज की मां मंजू अग्निहोत्री एक गृहिणी हैं, जिन्होंने बच्चों की पढ़ाई के लिए कई त्याग किए। परिवार में एक बड़ा भाई भी है, जो एमबीए करने के बाद हैदराबाद में नौकरी कर रहे हैं। अनुज का परिवार भगवान कृष्ण का परम भक्त है और प्रेमानंद महाराज के अनुयायी हैं। यह आध्यात्मिक पृष्ठभूमि अनुज को जीवन में संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा देती रही।

UPSC 2025 टॉपर अनुज की यह सफलता राजस्थान के ग्रामीण इलाकों से आने वाले युवाओं के लिए एक संदेश है कि सही दिशा और मेहनत से कोई भी सपना असंभव नहीं। रावतभाटा जैसे छोटे शहर से निकलकर देश की सबसे कठिन परीक्षा में शीर्ष स्थान हासिल करना वाकई प्रेरणादायक है।

शिक्षा यात्रा: AIIMS जोधपुर से UPSC तक

अनुज की शैक्षणिक यात्रा उतनी ही शानदार रही जितनी उनकी UPSC सफलता। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा रावतभाटा के एटॉमिक एनर्जी सेंट्रल स्कूल से पूरी की। कक्षा 10वीं में ए ग्रेड और 12वीं में 98% अंकों के साथ उन्होंने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इसके बाद, उन्होंने कोटा से सीनियर सेकेंडरी की पढ़ाई की, जो कोचिंग हब के रूप में जाना जाता है।

मेडिकल फील्ड में रुचि रखते हुए, अनुज ने AIIMS जोधपुर से MBBS की डिग्री 2023 में प्राप्त की। UPSC में उन्होंने मेडिकल साइंस को वैकल्पिक विषय (Optional Subject) चुना, जो उनकी विशेषज्ञता को दर्शाता है। AIIMS जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से ग्रेजुएट होने के बावजूद, अनुज ने डॉक्टरी छोड़कर पब्लिक सर्विस की राह चुनी। यह निर्णय उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।

UPSC की चुनौतीपूर्ण यात्रा: तीसरे प्रयास में AIR 1

UPSC सिविल सर्विसेज परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है, और अनुज ने इसे तीन प्रयासों में पार किया। 2023 में पहली कोशिश में ही उन्होंने परीक्षा पास की और DANICS (Delhi, Andaman and Nicobar Islands Civil Service) में चयनित हो गए। दिसंबर 2024 में वे DANICS प्रोबेशनर के रूप में प्रशिक्षण लेने लगे।

लेकिन अनुज का सपना IAS बनने का था। इसलिए, सेवा में रहते हुए उन्होंने 2025 में दोबारा परीक्षा दी और AIR 1 हासिल कर लिया। अन्य टॉपर्स में AIR 2 पर राजेश्वरी सुवे एम और AIR 3 पर अकांक्ष धुल हैं। यह यात्रा दर्शाती है कि असफलता से सीखना ही सफलता की कुंजी है। अनुज कहते हैं, “मैं अभी DANICS प्रोबेशनर हूं। AIIMS जोधपुर से 2023 में ग्रेजुएट हुआ था।”

तैयारी की रणनीति: अनुशासन और निरंतरता का मंत्र

अनुज की सफलता का राज उनकी सख्त तैयारी रणनीति में छिपा है। AIIMS ग्रेजुएशन के बाद से ही UPSC की तैयारी शुरू कर दी थी। उन्होंने निरंतरता, अनुशासन और लक्ष्य में विश्वास पर जोर दिया।

  • दैनिक रूटीन: निश्चित समय पर भोजन (नाश्ता, दोपहर का भोजन) और नींद का शेड्यूल। परिवार ने सभी सामाजिक आयोजनों से दूरी बनाई ताकि कोई व्यवधान न हो।
  • करंट अफेयर्स पर फोकस: UPSC की डायनामिक्स को समझने के लिए समाचार पत्र और विश्लेषण पढ़ना।
  • सेवा के दौरान तैयारी: DANICS ट्रेनिंग के बीच समय निकालकर पढ़ाई जारी रखी।
  • टिप्स UPSC एस्पिरेंट्स के लिए: “परिवार का समर्थन और स्वयं पर विश्वास सबसे बड़ा हथियार है। छोटे-छोटे लक्ष्यों को पूरा करते जाएं।”

माता-पिता के अनुसार, “हमने बच्चों की पढ़ाई के लिए सब कुछ त्याग दिया। टाइमटेबल फिक्स था, और भगवान की कृपा से यह सफलता मिली।” यह रणनीति उन युवाओं के लिए उपयोगी है जो UPSC 2026 या आगे की तैयारी कर रहे हैं।

परिवार का अटूट योगदान: त्याग और प्रेरणा का स्रोत

अनुज की सफलता में परिवार की भूमिका सराहनीय है। पिता कृष्ण बिहारी ने कहा, “बच्चों की सफलता ही हमारी जिंदगी का मकसद था। MBBS के बाद जब अनुज ने UPSC की तैयारी की बात की, तो हमने पूरा समर्थन दिया।” मां मंजू ने त्यागों की कोई कमी नहीं की और अब वे वृंदावन जाकर शांति चाहती हैं। परिवार की कृष्ण भक्ति ने अनुज को मानसिक शक्ति प्रदान की।

रावतभाटा में अनुज के घर पर जश्न का माहौल है। पूरा शहर उनके नाम से गूंज रहा है, जो राजस्थान UPSC सक्सेस स्टोरी का एक चमकता उदाहरण है।

भविष्य की योजनाएं: IAS के रूप में राष्ट्र सेवा

AIR 1 हासिल करने के बाद अनुज IAS बनने की राह पर हैं। वर्तमान में DANICS प्रोबेशनर होने के नाते, वे पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में योगदान देना चाहते हैं। अनुज कहते हैं, “सिविल सर्विसेज की डायनामिक्स मुझे आकर्षित करती है। मैं स्वास्थ्य और विकास क्षेत्र में काम करना चाहता हूं।” उनकी मेडिकल बैकग्राउंड स्वास्थ्य नीतियों को मजबूत बनाने में सहायक साबित होगी।

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